“Who I am”
कौन हूँ मैं
खोज रहा हु सालो से
पूछा हर सवालो से
कौन हु मै ?
खोजा हर जवाबो मे
पाया ना कुछ सवालो मे
बे मतलब की है ये दुनिया
चल रही किन ख़यालो मे
कौन हु मै।
सवाल है के जवाब है
इस दुनिया का ये रुआब है
ये पुछती नहीं बताती है
जो मतलब की वो चाहती है
कौन हु मै !
पाया जब देखा नहीं
देखा तभी पाया नहीं
पता चला कुछ है नहीं
सब कुछ रहा पर कुछ नहीं
कौन हु मै.....
कमल क्षत्री